यदि आपका कोई अपना या परिचित पीलिया रोग से पीड़ित है तो इसे हलके से नहीं लें, क्योंकि पीलिया इतना घातक है कि रोगी की मौत भी हो सकती है! इसमें आयुर्वेद और होम्योपैथी का उपचार अधिक कारगर है! हम पीलिया की दवाई मुफ्त में देते हैं! सम्पर्क करें : डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 0141-2222225, 98285-02666
Showing posts with label फर्जी राशन कार्ड. Show all posts
Showing posts with label फर्जी राशन कार्ड. Show all posts

16.11.11

फर्जी राशन कार्ड बनाने में 73 साल की महिला पर जुर्माना!

दिल्ली। गलत राशन कार्ड बनाने पर अदालत ने 73 वर्षीय महिला पर 50 हजार का जुर्माना ठोक दिया। अदालत ने उसकी दुकान के रद लाइसेंस को बहाल करने संबंधी तर्क को भी खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलो ने फैसले में मधु विहार निवासी रामदुलारी के उस तर्क को भी खारिज कर दिया कि दुकान में तीन राशन कार्ड गलत तरीके से जरूर बनाए गए थे, मगर उनका प्रयोग नहीं किया गया। अत: इस आधार पर लाइसेंस रद करने का औचित्य नहीं था।

दरअसल, अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध रूप से तीन राशन कार्ड हासिल करने के चलते दिल्ली सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 2007 में मधु विहार स्थित सुरेश राशन स्टोर नाम के इस दुकान का लाइसेंस रद्द कर दिया था। न्यायमूर्ति ने महिला को दो हफ्ते के अंदर 50,000 रुपया अदा करने का निर्देश देते हुए कहा कि एक उचित दर की दुकान, जिस पर से अधिकारियों का भरोसा उठ गया हो उस पर भविष्य में सेवा प्रदान करने के लिए भरोसा नहीं किया जा सकता है।

अदालत ने कहा कि याची ने स्वयं माना है कि वह सुरेश राशन स्टोर की मालकिन थी और तीन राशन कार्ड उसके, उसके पुत्र और पुत्रवधू के नाम से बना था। यह नहीं माना जा सकता कि यह गलती से हुआ है। अदालत ने इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि वह वृद्ध है और उसके सेल्समैन से गलती हुई है। अदालत ने कहा यदि वह वृद्ध है और दूसरों पर निर्भर है तो भी वह लाइसेंस पाने की ही हकदार नहीं है। अदालत ने कहा कि जब सरकार 58 व 60 वर्ष की आयु के बाद के लोगों को सर्विस के लिए फिट नहीं मानती तो फिर 73 वर्षीय रामदुलारी को व्यवसाय के लिए फिट माना जा सकता है। उसने विश्वास खो दिया है और जिस प्रकार गलत नाम से राशन कार्ड बनवाएं गए है वह आपराधिक मामला है।

अदालत ने कहा कि याची ने गलती स्वयं मानी है और भविष्य में ऐसा न करने का तर्क दिया है। उन्होंने कहा कि राशन की दुकान गरीब लोगों को रियायती दरों पर राशन उपलब्ध करवाने के लिए आवंटित की गई है। इस प्रकार की घपले के कारण महिला को पुन: इस प्रकार की गलती करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। अत: 30 नवंबर 2007 को उसका लाइसेंस रद्द करने का निर्णय उचित है। स्त्रोत : हिंदी डोट इंडिया डोट इन, बुधवार, नवंबर 16, 2011, (फर्जी राशन कार्ड बनाने में 73 साल की महिला पर जुर्माना)

Followers